Bimal Raturi

"भीड़ में अकेला खड़ा मै ताकता सब को..."

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फिर भी हिंद को बदलना है...

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हिंद में है आग क्यूँ?

लुट रहा समाज क्यूँ?

मिट रहे ज़ज्बात क्यूँ?

बिक गया ईमान क्यूँ??

कोई तो मुझे बताये…

जल रही क्यूँ आज नारी?

बढ़ी क्यूँ भ्रस्टाचार की बीमारी?

क्यूँ बिक रही है डिग्री सारी?

कौन से कल की है ये तैयारी?

कोई तो मुझे बुझाये…

लोग सब बेमान क्यूँ?

जनता भूखों परेशान क्यूँ?

नेता इतने हराम क्यूँ ?

और प्रशासन नाकाम क्यूँ ?

कोई तो मुझे समझाए….

पस्त है यूवा पीढ़ी सारी…

और मस्त है जनता सारी…

राह क्या है अब हमारी?

कैसे अंधियारे कल की सवारी?

कोई तो मुझे दिखाए …

मिल जाये जवाब अगर

दुबारा सोचना फिर मगर

चाहे कठिन है ये डगर

फिर भी हिंद को बदलना है…..

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9 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
June 26, 2012

लोग सब बेमान क्यूँ? जनता भूखों परेशान क्यूँ? नेता इतने हराम क्यूँ ? और प्रशासन नाकाम क्यूँ ? कोई तो मुझे समझाए…. बहुत सुन्दर एवं सटीक सवाल , बिमल जी ! लेकिन इनका जवाब शायद हमें और आपको ही ढूंढना होगा !

Chandan rai के द्वारा
June 25, 2012

बिमल जी , हिंद में है आग क्यूँ? लुट रहा समाज क्यूँ? मिट रहे ज़ज्बात क्यूँ? बिक गया ईमान क्यूँ?? देश की ऐसी बदतर स्थिति को देख तो आपका ऐसे पिदमय होना लाजिमी है , सुन्दर भावपूर्ण रचना !

अजय कुमार झा के द्वारा
June 25, 2012

फ़िर भी हिंद को बदलना है , इसे आगे लेकर चलना है …….सुंदर आह्वान करती हुई पोस्ट । प्रेरणादायी पंक्तियां

dineshaastik के द्वारा
June 24, 2012

स्वाभाविक  आक्रोश  को व्यक्त करती सुन्दर रचना……

June 23, 2012

स्तब्ध……………….बहुत खूब………..

June 23, 2012

स्तब्ध……………………………………….!

Santosh Kumar के द्वारा
June 23, 2012

बिमल जी ,.नमस्कार आक्रोश की बहुत अच्छी अभिव्यक्ति लोग सब बेमान क्यूँ? जनता भूखों परेशान क्यूँ? नेता इतने हराम क्यूँ ?….हार्दिक साधुवाद और प्रशासन नाकाम क्यूँ ?

    Bimal Raturi के द्वारा
    June 23, 2012

    thanks

pritish1 के द्वारा
June 23, 2012

सार्थक रचना…….. आभार स्नेह्साहित प्रीतीश


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