Bimal Raturi

"भीड़ में अकेला खड़ा मै ताकता सब को..."

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क्यूँ जबरदस्ती पप्पू को पास करने पे तुले हो ?

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RAHUL-gandhi_indian tabela

हल्ला मचा हुआ है राहुल गाँधी को मुख्य भूमिका दो,प्रधानमंत्री बनाओ बला… बला… बला…
समझ नहीं आ रहा है ये हो क्या रहा है कांग्रेस में,और दूसरा ये कि उन्होंने समझ क्या रखा है देश को? महंगाई दिन ब दिन बढ़ रही है,मंद मोहन या मनमोहन जो भी कह लो उसे दुनिया अंडर अचीवर कह रही है,प्रणव मुखर्जी को जीतने के लिए साम दाम दंड भेद की नीतियाँ अपनाई जा रही हैं,मैडम के तलवे चाटने वालों को राज्यपाल पद का इनाम मिल रहा है,लोकपाल पर सरकार को मजा ही नहीं आ रहा और फिर इन सब के बीच नया ड्रामा एक अयोग्य,नक्कारा,बकलोल और छिछोरे लड़के को जिस के दम्म पर उत्तर प्रदेश का चुनाव हार चुके हों उसे भारत का नया प्रधानमंत्री और भारत का नया भविष्य घोषित किया जा रहा है….क्या ऐसे अंधियारे कल की हम तैयारी कर रहे हैं???
लोग उन में राजीव गाँधी देखते हैं,पर मैं एक झलक भी नहीं पाता राजीव की उस में,राजीव ने भारत को कंप्यूटर दिया और अच्छा भी है दुनिया के सामने हम ने कंप्यूटर इंजिनियरों का कारवां खड़ा कर दिया|
राहुल ने क्या किया? एक भी उपलब्धि है?माँ की सीट पर चुनाव लड़ कर राजनीति में प्रवेश किया,कांग्रेस का गढ़ था जीतना तो था ही…जीरो उपलब्धि से सुरुवात हुई
फिर उन का नया गरीब कार्ड उन्हें क्या लगता दुनिया को उनका ये ड्रामा नहीं दिखता? क्यूँ उन्हें हर उस किसान की मुश्किलें दिखने लगती हैं जिस राज्य में चुनाव होने वाले होते हैं, उन के भाषण कोरी बकवास से ज्यादा कुछ नहीं होते,और उस पर उन का इस बार चुनावी घोषणा पत्र फाड़ना| क्यूँ उन्हें भट्टा परसौर के किसानो का दर्द अचानक समझ आने लगता है चुनावों से पहले….मेरी समझ से तो बहार है
आजकल कहाँ है राहुल बाबा??? क्यूँ आजकल वो गरीबों के घर रात नहीं गुजार रहे? क्यूँ किसानो का समर्थन नहीं कर रहे? क्यूँ यूवाओं को भाषण नहीं दे रहे?
मुझे तो उन लोगों पर हंसी आती है जिन्होंने राहुल को यूथ आइकॉन कहा…. हाँ खैर ठीक ही कहा जिस तरह से हमारा यूथ बर्बाद हो रहा है उस का क्रेडिट तो मै राहुल गाँधी को ही देना चाहूँगा|
हद्द होती है न तलवे चाटने की, सलमान खुर्सिद,दिग्विजय सिंह और तमाम उन लोगों को एक हारा हुआ सिपाही जिस ने अभी तक एक भी काबिलियत साबित नहीं की हो उसे भारत का प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं??
अटल बिहारी के बाद भारतीय राजनीति को नई दिशा दिखने लायक न भा.जा.पा. में बचा है और न कांग्रेस में दिखता है….और मैडम ने देश का क्या हाल किया हुआ है सब देख रहे हैं
राहुल को बड़ी जिम्मेदारियां मत दो एक तरफ सरकार कहती है बालश्रम मत कराओ और ऊपर से सरकार खुद ही राहुल बाबा को पूरा देश सम्हालने को देना चाहती है….
क्यूँ बची खुची इज्ज़त भी दावं पे लगाना चाहती है कांग्रेस

हल्ला मचा हुआ है राहुल गाँधी को मुख्य भूमिका दो,प्रधानमंत्री बनाओ बला… बला… बला…

समझ नहीं आ रहा है ये हो क्या रहा है कांग्रेस में,और दूसरा ये कि उन्होंने समझ क्या रखा है देश को? महंगाई दिन ब दिन बढ़ रही है,मंद मोहन या मनमोहन जो भी कह लो उसे दुनिया अंडर अचीवर कह रही है,प्रणव मुखर्जी को जीतने के लिए साम दाम दंड भेद की नीतियाँ अपनाई जा रही हैं,मैडम के तलवे चाटने वालों को राज्यपाल पद का इनाम मिल रहा है,लोकपाल पर सरकार को मजा ही नहीं आ रहा और फिर इन सब के बीच नया ड्रामा एक अयोग्य,नक्कारा,बकलोल और छिछोरे लड़के को जिस के दम्म पर उत्तर प्रदेश का चुनाव हार चुके हों उसे भारत का नया प्रधानमंत्री और भारत का नया भविष्य घोषित किया जा रहा है….क्या ऐसे अंधियारे कल की हम तैयारी कर रहे हैं???

लोग उन में राजीव गाँधी देखते हैं,पर मैं एक झलक भी नहीं पाता राजीव की उस में,राजीव ने भारत को कंप्यूटर दिया और अच्छा भी है दुनिया के सामने हम ने कंप्यूटर इंजिनियरों का कारवां खड़ा कर दिया|

राहुल ने क्या किया? एक भी उपलब्धि है?माँ की सीट पर चुनाव लड़ कर राजनीति में प्रवेश किया,कांग्रेस का गढ़ था जीतना तो था ही…जीरो उपलब्धि से सुरुवात हुई

फिर उन का नया गरीब कार्ड उन्हें क्या लगता दुनिया को उनका ये ड्रामा नहीं दिखता? क्यूँ उन्हें हर उस किसान की मुश्किलें दिखने लगती हैं जिस राज्य में चुनाव होने वाले होते हैं, उन के भाषण कोरी बकवास से ज्यादा कुछ नहीं होते,और उस पर उन का इस बार चुनावी घोषणा पत्र फाड़ना| क्यूँ उन्हें भट्टा परसौर के किसानो का दर्द अचानक समझ आने लगता है चुनावों से पहले….मेरी समझ से तो बहार है

आजकल कहाँ है राहुल बाबा??? क्यूँ आजकल वो गरीबों के घर रात नहीं गुजार रहे? क्यूँ किसानो का समर्थन नहीं कर रहे? क्यूँ यूवाओं को भाषण नहीं दे रहे?

मुझे तो उन लोगों पर हंसी आती है जिन्होंने राहुल को यूथ आइकॉन कहा…. हाँ खैर ठीक ही कहा जिस तरह से हमारा यूथ बर्बाद हो रहा है उस का क्रेडिट तो मै राहुल गाँधी को ही देना चाहूँगा|

हद्द होती है न तलवे चाटने की, सलमान खुर्सिद,दिग्विजय सिंह और तमाम उन लोगों को एक हारा हुआ सिपाही जिस ने अभी तक एक भी काबिलियत साबित नहीं की हो उसे भारत का प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं??

अटल बिहारी के बाद भारतीय राजनीति को नई दिशा दिखने लायक न भा.जा.पा. में बचा है और न कांग्रेस में दिखता है….और मैडम ने देश का क्या हाल किया हुआ है सब देख रहे हैं

राहुल को बड़ी जिम्मेदारियां मत दो एक तरफ सरकार कहती है बालश्रम मत कराओ और ऊपर से सरकार खुद ही राहुल बाबा को पूरा देश सम्हालने को देना चाहती है….

क्यूँ बची खुची इज्ज़त भी दावं पे लगाना चाहती है कांग्रेस



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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogeshkumar के द्वारा
July 21, 2012

पप्पू जो सबसे अच्छा काम कर रहा है वो अविवाहित रहने का….. पप्पू अगर शादी नहीं करता है .तो ..देश को वंश परम्परा से मुक्ति मिलेगी …कांग्रेस के चमचे तो पीछे पड़े जायेंगे नए अध्यक्ष के लिए….

jagojagobharat के द्वारा
July 20, 2012

बिहार और उत्तर प्रदेश में औकात पता चल गया है .आगे भी पता चल जायेगा . पप्पू पास नहीं होने वाला चिंता ना करे .सुन्दर लेख .बहुत बहुत बधाई

MEENU के द्वारा
July 20, 2012

वाह विमल जी , एक दम धो डाला है आपने आपको बहुत बहुत बधाई इस लेखन के लिए आपकी सबसे अछि ये बात लगी की राहुल गाँधी में सच मुच राजीव गाँधी की कोई छवि नहीं दिखती वो एक सकधारण आदमी लगते है इससे जादा कुछ नहीं उन्होंने राजीव गाँधी जैसा कोई काम नहीं किया राजीव गाँधी ने हमेशा अपनी देश के लिए किया जो भी किया राहुल गाँधी ने मीडिया में आने के लिए किया जो भी किया वो सिर्फ फेमस होने में लगे रहते है और सच में उन्होंने देश के युवावो को बरबाद करने के सरे तरीके अपनाये है वो और उनकी टीम आरक्छन के छककर में सरे युवाओ को बरबाद कर देंगे ! बिमल जी जवाब नहीं है आपका क्या खूब लिखा है आपने ये सब कुछ एक बार राहुल गाँधी पढ़े टू मजा आजाये ऐसे ही लिखते रहिये और लोगो को जागरूक करते रहिये धन्यवाद्

yamunapathak के द्वारा
July 20, 2012

“डूबते को तिनके का सहारा”बहुत लोकप्रिय कहावत है. क्या पता इस तिनके के सहारे ही कांग्रेस को जीवन दान मिल जाए. साभार

nishamittal के द्वारा
July 20, 2012

क्योंकि कांग्रेस देश को अपनी जागीर समझती है.


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