Bimal Raturi

"भीड़ में अकेला खड़ा मै ताकता सब को..."

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हिमानी शिवपुरी के साथ कुछ पल

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बड़े-छोटे पर्दे तथा रंगमंच की अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी भारतीय दर्शकों के बीच किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। ‘हम आपके हैं कौन’ में अपनी हास्य भूमिका  डीडी वन के धारावाहिक हमराही की देवकी भौजाई को आज भी लोग भूल नहीं पाए हैं। अपने पहले ही धारावाहिक से दर्शकों केदिल में उतर चुकीं हिमानी शिवपुरी आज किसी भी बड़े कलाकार से ज्यादा व्यस्त हैं। हम आपके हैं कौन, परदेस, दिलवाले दुल्हनिया  ले जाएंगे, कोयला, कुछ कुछ होता है, मैं प्रेम की दीवानी हूं और उमराव जान सहित लगभग 90  फिल्मों में हिमानी काम कर चुकी हैं। छोटे परदे पर भी वह कसौटी जिंदगी की, चांदनी, डॉलर बहू, जोश, एक लड़की अंजानी  सी सरीखे कितने ही धारावाहिकों में दिखी हैं। सन् 1984  में राष्ट्रीय नाटय विद्यालय (एनएसडी) से पास होकर निकलीं हिमानी आज भी थिएटर को अपना पहला प्यार मानती हैं। उन्हें दुख है कि वह इसके लिए समय नहीं निकाल पातीं।

बिमल रतूड़ी से हिमानी शिवपुरी के वार्तालाप के कुछ अंस

बिमल रतूड़ी – हिमानी शिवपुरी को खुद के शब्दों में परिभाषित करने को कहूँ तो आप का जवाब क्या होगा ?

हिमानी शिवपुरी – (मुस्कुराते हुए) पहला ही सवाल इतना भारी भरकम बिमल… खैर में खुद को आज भी एक विद्यार्थी मानती हूँ जो कि रंगमंच,छोटे एवं बड़े पर्दे पर काम करना आज भी उसी तरह सीख रही है जिस तरह बालीवुड में कदम रखते वक़्त सीखना शुरू किया था |

बिमल रतूड़ी- अपने बारे में कुछ बताएं

हिमानी शिवपुरी- मेरा जन्म २४ अक्तूबर १९५७ को देहरादून में हुआ, पिता हरि दत्त ”शैलेश” हिन्दी के अध्यापक और साहित्यकार थे,तो बचपन से ही घर में सरस्वती का वास रहा,दून स्कूल से मेरी पढाई हुई पूरी स्कूल में में इकलौती लड़की थी,नाटकों में मेरी रूचि वहीँ से शुरू हुई,फिर एम्.के.पी. से ऑर्गनिक केमिस्ट्री में एम्.एस.सी. करने के बाद मैंने रास्ट्रीय नाट्य विद्यालय से ३ साल का डिप्लोमा किया, फिर रंगमंच, फिल्मों और टेलीविजन के बीच ही ज़िन्दगी सिमट गयी (रुकते हुए) सिमट सही शब्द नहीं होगा क्यूँकि मैं खुश हूँ यहाँ और हर पल को ख़ुशी से जी रही हूँ|

बिमल रतूड़ी- कहा जाता है कि पहाड़ का पानी और पहाड़ कि जवानी एक बार चली जाये तो कभी लौट कर नहीं आती, पर आप ने बार बार उत्तराखंड आ कर इस बात को गलत साबित करने कि कोशिश की है|
हिमानी शिवपुरी- जब मैं नाट्य विद्यालय में पहुँचीं थी उस दिन मैंने खुद से वादा किया था,की मैं वापस जरुर लौटूंगी,जो कुछ मैं यहाँ सीखूंगी उस से अपने उत्तराखंड को फायदा पहुचने की जरुर कोसिस करुँगी, मैं ये तो नहीं कहूँगी की मैनें बहुत कुछ किया है पर लगातार हर वर्ष एक कार्यशाला मैं यहाँ लगाने की कोशिश कर रही हूँ और यहाँ मुझे काफी अच्छी प्रतिभायें भी मिल रही हैं,जिन का भविष्य काफी उज्वल है|

बिमल रतूड़ी- आप ने काफी सारे किरदार जियें हैं अगर में कुछ यादगार किरदारों की बात करूँ तो आप किन किन को याद करना…

हिमानी शिवपुरी- (बीच में बात काट कर) मोने सारे ही किरदार बड़ी सोच समझ कर निभाएं हैं ऐसे किसी भी रोल में मैं नहीं गयी जिसे मैंने जबरदस्ती या मज़बूरी में किया हो |

बिमल रतूड़ी –चलिए आप उन सीरियलों और फिल्मों के ही नाम बता दीजिये जो आप के कैरियर के मील के पत्थर साबित हर हों?

हिमानी शिवपुरी- बिमल हर फिल्म हर सीरियल हमे कुछ नया सिखाता है फिर भी डीडी वन के धारावाहिक हमराही की देवकी भौजाई, राजश्री प्रोडक्शन  की हम आप के हैं कौन,मैं प्रेम की दीवानी हूं, परदेस, दिलवाले दुल्हनिया  ले जाएंगे, कोयला, कुछ कुछ होता है, और उमराव जान मेरे दिल के सब से करीब हैं|

बिमल रतूड़ी -छोटे और बड़े पर्दे और रंगमंच तीनो में से किस में काम करने में आप को सब से ज्यादा सुकून मिलता है?

हिमानी शिवपुरी- रंगमंच एक अलग चुनौती होती है,जिस में काम करने में सब से ज्यादा मजा आता है,आप देखेंगे कि रंगमंच में काम करने वाले सारे कलाकारों ने अपनी एक अलग जगह बनाई है,वो कभी बूढ़े नहीं होते,हर वक़्त एक नयापन होता है उन में, पर फिल्मों और सीरियलों में काम करने में भी अलग ही मजा है, मुझे लगता है कि कलाकार को सिर्फ कला के प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए माध्यम पर नहीं|

बिमल रतूड़ी- हिमानी शिवपुरी तब का चेहरा है जब सिर्फ दूरदर्शन ही एक चैनल हुआ करता था और अब चैनलों की भरमार है, इस बदलाव को कैसे देखती हैं आप ?

हिमानी शिवपुरी- इस पर २ नज़रिये हैं एक अच्छा एक बुरा, काफी बदलाव आये पिछले दस-पंद्रह सालों में, अच्छा ये की काफी अच्छा माध्यम है ये,और अमिताभ जी के कौन बनेगा करोड़पति में आने के बाद छोटा पर्दा काफी चर्चा में आया है, यहाँ काम करने वाले कलाकारों की घर घर में पहचान बढ़ी है, लोग उन्हें काफी पसंद करते हैं और बुरा बदलाव ये कि भावनाएं मर गयी हैं,सीरियलों ने कलाकारों को मशीन बना दिया है,वो बस किसी भी तरह किरदार किये जा रहे हैं,कोई उन किरदारों को जी नहीं रहा है |

बिमल रतूड़ी- अपने पति कि मौत के बाद खुद को कैसे सम्हाला आप ने ?

हिमानी शिवपुरी- मेरे लिये यह किसी सदमे से कम नहीं था,पर किसी तरह मैंने खुद को और अपने बेटे को सम्हाला, यह बात दिलवाले दुल्हनिया… की शूटिंग के दौरान कि है, तभी आप मुझे फिल्म के अंत में नहीं देखेंगे,फिर मैंने खुद को अपने काम में ही व्यस्त कर लिया,जो अभी तक जारी है|

बिमल रतूड़ी- आप के अगले प्रोजेक्ट कौन कौन से हैं ?

हिमानी शिवपुरी- मैंने कुछ वक़्त के लिये टेलीवीजन से ब्रेक ले रखा है,फिल्मों में एक “जय हो” और “अम्मा की गली” आने वाली है, नवम्बर में दिल्ली में “तुगलक” नाटक की प्रस्तुति होगी जिस में मैं मुख्य भूमिका में हूँ|

बिमल रतूड़ी- आप युवाओं को क्या सन्देश देना चाहेंगी ?

हिमानी शिवपुरी- सन्देश तो नये बच्चे अब हमे दे रहे हैं हमे काफी कुछ उन से सीखने को मिल रहा है

खुद पर हमेसा बिस्वास रखें,जो भी करें दिल से करें और अपना सर्वोत्तम दे, देखो फिर कौन तुम्हे रोकता है,रातों रात चमकने की बिल्कुल ना सोचें,मेहनत का कोई शोर्टकट ना कभी था,ना है,और ना ही कभी होगा|

बिमल रतूड़ी- हम से बात करने के लिये धन्यवाद,आप के नये प्रोजेक्ट्स की सफलता के लिये सुभकामनाऐं

हिमानी शिवपुरी- धन्यवाद बिमल जी धन्यवाद



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

nishamittal के द्वारा
October 27, 2012

संयोग से हिमानी शिवपुरी देहरादून में मेरे साथ एक ही कालेज ऍम के पी से पढी हैं,वाद विवाद प्रतियोगिताओं में मेरी साथी रही हैं,साथ ही यूनियन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हम साथ रहे हैं, विद्यार्थी जीवन से ही वो बहुविध प्रतिभासंपन्न रही हैं.उनके विषय में पढ़कर अच्छा लगा .शुभकामनाएं

Santlal Karun के द्वारा
October 25, 2012

अच्छा साक्षात्कार, प्रभावी, प्रेरणापरक; साधुवाद एवं सदभावनाएँ !

nishamittal के द्वारा
October 25, 2012

विमल जी हिमानी के विषय में जागरण पर पढना अच्छा लगा.संयोग से देहरादून में मैं और वो एक ही महाविध्यालय में साथ रहे और डिबेट्स में उनके साथ पार्टनर भी रही और रंगमंच तथा स्टूडेंट्स यूनियन में साथ साथ रहे.उनको मेरी शुभकामनाएं.


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