Bimal Raturi

"भीड़ में अकेला खड़ा मै ताकता सब को..."

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Bimal Raturi


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मेरे सवाल और काफ़िर

Posted On: 21 Feb, 2017  
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मेरे सवाल और देशद्रोह

Posted On: 16 Feb, 2017  
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फिर भी क्या सुनेंगे लोग मुझे ?

Posted On: 13 Jan, 2016  
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लोकल टिकेट में

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एक मुसाफिर और सराय

Posted On: 23 Nov, 2015  
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Others मेट्रो लाइफ में

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“चंद लोगों” के नाम ख़त

Posted On: 30 Oct, 2015  
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Others social issues में

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: jlsingh jlsingh

के द्वारा: mangeshsingh mangeshsingh

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

क्या ये सच नहीं है की रावण को परेशान करने के मकसद से आपने उनके परिवार के निर्दोष लोगो जैसे कुम्भकरण और मेघनाद पर हमला किया? # क्या आपकी टीम के हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी की जगह पूरा पहाड उखाड़ लेना सरकारी जमीन के साथ छेड़छाड़ नहीं? # क्या ये सच नहीं कि आपने हमले से पहले समुद्र पर पुल बनाने का ठेका अपने करीबी नल और नील को नहीं दिया? # आपने पुल बनाने के लिए छोटी छोटी गिलहरियों से काम करवाया| क्या इसके लिए आप पर बाल श्रम कानून के तहत मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए? # आपने बिना किसी पद पर रहते हुए युद्ध के समय इन्द्र से सहायता प्राप्त की और उनका रथ लेकर रावण पर हमला किया| क्या आप इन्द्र की टीम ए है? # इस सहायता के बदले में क्या आपने इन्द्र को ये वादा नहीं किया की अयोध्या का राजा बनने के बाद आप उन्हें अयोध्या के आस पास की जमीन दे देंगे? क्या कहूं ? मज़ा आ गया ! और ये आरोप मान नीय , सम्माननीय , आदरणीय दिग्विजय सिंह पूछते ! गज़ब का पोस्ट

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

मौलिक विचारों की प्रभावपूर्ण नाटकीय प्रस्तुति; हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ ! "# आपने बिना किसी पद पर रहते हुए युद्ध के समय इन्द्र से सहायता प्राप्त की और उनका रथ लेकर रावण पर हमला किया| क्या आप इन्द्र की टीम ए है? # इस सहायता के बदले में क्या आपने इन्द्र को ये वादा नहीं किया की अयोध्या का राजा बनने के बाद आप उन्हें अयोध्या के आस पास की जमीन दे देंगे? # आप युद्ध में अयोध्या से रथ न मंगवा कर इन्द्र से रथ लिया क्या ये इन्द्र कि कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया? # क्या आपने जामवंत को सहायता के बदले राष्ट्रपति बनाने का वादा नहीं किया? # और आखिरी सवाल, की आपके रहते भरत को राजा बनाया गया| क्या आपकी नेतृत्व क्षमता पर दशरथ जी को संदेह था?"

के द्वारा: Santlal Karun Santlal Karun

"# आपने बिना किसी पद पर रहते हुए युद्ध के समय इन्द्र से सहायता प्राप्त की और उनका रथ लेकर रावण पर हमला किया| क्या आप इन्द्र की टीम ए है? # इस सहायता के बदले में क्या आपने इन्द्र को ये वादा नहीं किया की अयोध्या का राजा बनने के बाद आप उन्हें अयोध्या के आस पास की जमीन दे देंगे? # आप युद्ध में अयोध्या से रथ न मंगवा कर इन्द्र से रथ लिया क्या ये इन्द्र कि कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया? # क्या आपने जामवंत को सहायता के बदले राष्ट्रपति बनाने का वादा नहीं किया? # और आखिरी सवाल, की आपके रहते भरत को राजा बनाया गया| क्या आपकी नेतृत्व क्षमता पर दशरथ जी को संदेह था?" मौलिक विचारों की प्रभावपूर्ण नाटकीय प्रस्तुति; हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ !

के द्वारा: Santlal Karun Santlal Karun

के द्वारा: Bimal Raturi Bimal Raturi

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किताबों के ढेर पर रखे चाय के पुराने कपों की मुस्कान, दूसरे बिस्तर में पड़े मोबाईल चार्जरों का जाल, टेबल में पड़ी लैपटाप,पेन और कई डाईरियां, सामने दीवाल में रखी सरस्वती की मूर्ति, चौतरफा लटकते मकड़ी के आशियाने, ढूंढती हैं पवन कमरे में आने के बहाने, आलमारी के ऊपर रखी अधखुली इत्र की शीशी, दीवाल में लगी पुरानी फोटो याद दिलाती है किसी की, बिस्तर में रखे धुले कुर्ते की नीची लुढ़की बाजू फर्श पर लुढ़की इंडिया टुडे के आवरण में छपा कानून का तराजू, कलमदान में वर्षों से पड़े कई बंद पेन, इन सब के बीच मेरा सोचता अस्थिर चंचल मन, ये है मेरे साफ़ कमरे की कहानी, सिर्फ और सिर्फ मेरी जुबानी || आप बेचलर तो नहीं हैं ? ये हर उस युवा की कहानी है जो अभी बेचलर है या अकेला रहता है

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा: Bimal Raturi Bimal Raturi

के द्वारा: Bimal Raturi Bimal Raturi

के द्वारा: manoranjanthakur manoranjanthakur

के द्वारा: Bimal Raturi Bimal Raturi

के द्वारा: Bimal Raturi Bimal Raturi

वाह विमल जी , एक दम धो डाला है आपने आपको बहुत बहुत बधाई इस लेखन के लिए आपकी सबसे अछि ये बात लगी की राहुल गाँधी में सच मुच राजीव गाँधी की कोई छवि नहीं दिखती वो एक सकधारण आदमी लगते है इससे जादा कुछ नहीं उन्होंने राजीव गाँधी जैसा कोई काम नहीं किया राजीव गाँधी ने हमेशा अपनी देश के लिए किया जो भी किया राहुल गाँधी ने मीडिया में आने के लिए किया जो भी किया वो सिर्फ फेमस होने में लगे रहते है और सच में उन्होंने देश के युवावो को बरबाद करने के सरे तरीके अपनाये है वो और उनकी टीम आरक्छन के छककर में सरे युवाओ को बरबाद कर देंगे ! बिमल जी जवाब नहीं है आपका क्या खूब लिखा है आपने ये सब कुछ एक बार राहुल गाँधी पढ़े टू मजा आजाये ऐसे ही लिखते रहिये और लोगो को जागरूक करते रहिये धन्यवाद्

के द्वारा: MEENU MEENU

के द्वारा: Bimal Raturi Bimal Raturi

के द्वारा: अनिल कुमार ‘अलीन’ अनिल कुमार ‘अलीन’

के द्वारा: Bimal Raturi Bimal Raturi

बिमल क्या गरबड है । जो कोमेंट तुमारे लिये था उसे दिखाया नही, ना जवाद दिया । और जो कोमेंट तुम्हारे लिए नही था उस का खिताब चाहिए । ये तो कोमन सेन्स है की ब्लु में जो लेखते हैं वो कोमेंट की कोमेंट होती है । लेख की नही । तुमहारे लिए होती तो तुम्हारा नाम होता । जैसे की ईस में है । आप अपने आप में स्पट नही हो । आप को किई नही चाहिये । न सोनिया, ना मोदी । ना मुलायम ना माया । ममतादी भी पसंद नही । फिर कौन चाहिए आप को । आप ने कभी गुजराति नागरिक को पूछा की मोदी की तानाशाही से आप को क्या क्या तकलिफ हुई । गुजरात का हर नागरिक मोदी की तनाशाही से खूश है । चोर डाकु या लूटेरों के हाथ लोकशा ही रहे ईस से तो मोदी की तानाशाही अच्छी है, ये बात गुजरात की जनता जान गई है ।

के द्वारा: bharodiya bharodiya

बिमल जी , नरेंदर मोदी धर्मनिरपेक्ष छवि बनाने में असफल हुए है ,दुसरे शब्दों में कह सकते उनके प्रयास इस मिथ को और तोड़ते से प्रतीत होते है , मै इसके लिए वंहा के दंगो , SIT की रिपोर्ट ,राहुल भट्ट के वक्तव्य ,और जाकिया जाफरी के हलफनामे को इसका आधार नहीं बनाना चाहता , ———- इसके लिए में समय समय पर सार्वजानिक मंचो पर उनके मुस्लिम विरोधी तहरीरे की तरफ ध्यान ले जाना चाहूंगा , उस दृश्य की तरफ आपका ध्यान खीचना चाहूँगा ,जब सद्भावना दिवस पर इक मुस्लिम इमाम की सद्भावना टोपी को उन्होंने अपने सर पर पहनने से इनकार कर दिया था , ——– देश को ऐसे प्रधानमंत्री की जरुरत है ,जो सारे वर्णों ,धर्मो ,जातिओं को इकरूप में देखे ,

के द्वारा: चन्दन राय चन्दन राय

के द्वारा: Bimal Raturi Bimal Raturi

के द्वारा: bharodiya bharodiya

योगेश जी लगता है आपको सही और गलत परखने का ज्ञान लेना बाकी है मई आपको सिर्फ इतना समझा दू कि एक इन्सान का कर्तव्य क्या है इंसान होने का मतलब है इंसानियत से जीना और जीने देना चाहे वो कोई भी हो आपने ये सही कहा कि उन लोगो का क्या कसुर था जिन्हें वहा जलाया गया परन्तु उन लोगो का भी क्या कसुर था जिन्हें नरेन्द्र मोदी के इशारे पर काट डाला गया क्या उन्होंने जलाया था उन लोगो को अगर नरेद्र मोदी सच्चे इन्सान है तो क्यों नहीं उन्होंने उन लोगो को ढूंढा जिन्होंने ये सब किया था क्यों नहीं ये पता लगाया कि किन लोगो ने ये करवाया था क्या हिंदुस्तान के मुस्लिमो ने ये करवाया था ? जी नहीं ये सब हिंदुस्तान के नेताओ ने करवाया था वो हिन्दू भी हो सकता है और मुस्लिम भी और क्या पता नरेन्द्र मोदी भी शामिल हो इन सब में और बाद में हिन्दुओ का हमदर्द बन मुस्लिम लोगो को मरवा दिया हो जब उन्होंने ये सब किया तो उसमे मुस्लिम नेता भी शामिल हो सकते है आप नहीं जानते राजनीती को ये सत्ता का लालच किसी का नहीं अपनी औलाद भी इन्हें सत्ता कि सीढ़ी लगती है अगर नरेद्र मोदी सही है तो क्यों नहीं उन्होंने सच का पता लगा के उन नेताओ को सजा दिलवाई? क्यों उन्होंने जान के बदले जान ली वो भी बेगुनाहों का अगर हिम्मत थी तो उन लोगो को मरना था जिन्होंने इतने बेगुनाहों को जलाया था पर नरेन्द्र मोदी में इतनी हिम्मत ही नहीं कि वो उन लोगो को धुंध सके अगर एक आदमी आपके साथ खड़े किसी को मार कर चला जाये और आप उसे ढूंढने के बजे उसके किसी पडोसी को मार कर आजाये और कहे कि मई अपने साथ खड़े साथी के लिए मार कर आया उसे तो क्या कहेंगे इसे ? यही न कायर जो उसे नहीं मार सका जिसके हाथ में तलवार थी उसे मार कर आया जिसे इन सब से कुछ लेना देना नहीं और मई एक बात बता दू आपको योगेश जी कि हिंदुस्तान में रहने वाला हर इंसान शांति से जीना चाहता है चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम या सिख या क्रिशचन ये सब वही करते है जिन्हें दंगा भड़काना होता है एक आम आदमी को अपने परिवार को पालने में चली जाती है हर इंसान अपने परिवार के लिए जीता है दंगो के लिए नहीं हर कोई जीना चाहता है शांति से और एक बात खून के बदले खून जंगल का कानून है संसार का नहीं इंसान हो तो अगर कोई आप पर तलवार चलाये तो उसे रोको पर उसके बदले किसी और कि जान ले लो इसकी इजाजत भगवन ने नहीं दी अभी किसी को अगर आप किसी को जिंदगी दे नहीं सकते तो लेना भी नहीं चाहिए अपना बचाव करो पर ऐसे करो कि किसी बेगुनाह की जान न जाये नरेन्द्र मोदी के पास ताकत है तो उसका इस्तेमाल अछे कम के लिए करे दंगे भाढ्का के वो देश को तोड़ रहे है उन्हें चाहिए की जो लोग धर्म के नाम पर नफरत फैला रहे है उन्हें सही रस्ते पर लाये अगर वो अपनी ताकत का इस्तेमाल यहाँ करेंगे तो देश का भला होगा और इंसानियत भी जिन्दा रहेगी अगर भगवन ने इन्सान बनाया है तो दिमाग का इस्तेमाल करे और समझे की इंसान का फर्ज क्या है और जो लोग इंसानियत भूल गए है उन्हें कैसे इंसान बनाया जाये न की किसी गुंडे का समर्थन कर उसे ताकतवर बनाया जाये ये मत भूलिए की वो नेता है और नेता किसी का नहीं कब और कैसे आपको इस्तेमाल करेगा आपको भी पता नहीं चलेगा और इस्तेमाल कर ही तो रहा है अपनी कुर्सी का ओहदा बढ़ाने के लिए अपनी ताकत बढ़ने के लिए मोदी इंसान है तो इंसान बन कर रहे पर उसकी सोच उसे हैवानियत सिखा रही है और हैवान बना रही है उनकी तरह जिन्होंने जिन्दा लोगो को जलाया और वो कोई किसी जाती के नहीं थे बल्कि छुपे हुए नेता थे जो आज तक सामने नहीं आये क्योंकि नरेन्द्र मोदी ने उन्हें ढूंढने के बजाय दुसरे बेगुनाहों का खून बहा उन लोगो को बचा लिया और हैवानियत को जितने दिया और लोगो को भी बुद्धू बनाया और खुद चर्चित होगया हैवानियत का सम्रथन मत करिए योगेश बाबु करना है तो कुछ ऐसा करिए की कोई किसी की जान न ले धर्म के नाम पर जाती के नाम पर एक दुसरे को बाते न क्योकि हम इंसान है और इंसान का काम किसी की जान लेना नहीं होता प्यार बाटना होता है और मुक्ति पाना होता है जो तभी मिलेगा जब आप प्यार से कोई गुनाह किये बिना उस भगवन को खुश करेंगे और वो प्यार से दोस्ती से इंसानियत से खुश होता है तेरा जात और मेरा धर्म कहने से नहीं होता इन्सान का मतलब तो समझिये पहले कुछ लोग जिहाद के नाम पर लोगो को मरते है पर उन्हें पता ही नहीं जिहाद होता क्या है और कुछ ऐसे होते है जिन्हें पता ही नहीं की इंसान किसे कहते है बस लगे पड़े है लड़ने में और लड़वाने में और हम बेवकूफ काफी जिहाद के नाम पर तो कही बदले के नाम पर एक दुसरे को मारने में लगे है क्योकि हमें पता ही नहीं की हम आखिर में है कौन

के द्वारा: MEENU MEENU

विमल जी, क्या बात कही आपने काश सब इस बात को समझ ले बिल्कुल सही कहा आपने मोदी के बारे में वो बदतमीज़ है वो प्रधान मंत्री नहीं बनना चाहिए वो आएगा तो हर रोज एक नया दंगा होगा वो किसी की नहीं सुनता उसे कोई हक़ नहीं है इस कुर्सी पर बैठने का! चाहे कुछ लोग उसकी तारीफ करते है गुणगान करते है पर वो किसी का नहीं ये वो लोग समझ ले जो उसकी तरफदारी में लगे रहते है आपने अपनी राय जाहिर कर बहुत अच्छा काम किया है विमल जी आपने मोदी के बारे में जो राय राखी है बिल्कुल सही है वो जो इंसान को इंसान न समझे उसे किसी भी कुर्सी पर बैठने का हक़ नहीं शाषण का हक़ उसे होता है जो इंसानियत की भाषा जनता है और उसमे काबिलियत हो इंसाफ करने की ये इंसान ही नहीं है सिर्फ हिन्दू हु का नारा लगाने वाला ढोंगी है जो अपने नरो से लोगो को भडकता है ! अगर वो सत्ता में आया तो सबको अपने इशारो पे नचाएगा उसका पेट पैसा खा कर भी नहीं भरेगा रोकना होगा मोदी के रथ को बहुत दौड़ लिया और बहुत नफरत को हवा डेली उसने हिन्दुस्तानियों को हिन्दुस्तानी होने का पथ पढाने के बजाय हिन्दू, मुस्लिम और सिख होने की नफरत को भडकता है और देश को बर्बाद कर रहा है फुट ड़ाल के अपनी रोटी सेक रहा है किसी हा हमदर्द नहीं है वो! उसे कोई लेना देना नहीं है! कैसे लोगो को अपनी बातो में लाऊ यही देखता है वो ताकि वो कुछ खास छवि के साथ रहे समाज में इज्जतदार बन के ! धन्यवाद् विमल जी आशा है आप इस सन्देश को फसबूक पर और ट्विटर पर भी शेयर करेंगे! धन्यवाद्

के द्वारा: MEENU MEENU

जब आपके लेख का शीर्षक पढ़ा तो पक्का हो गया था की आप गोधरा की बात अवश्य करेंगे ! क्या गोधरा मोदी का कराया हुआ काण्ड था ? उसमें आग किसने सुलगाई ? और जब प्रतिवाद किया गया तो सबको बुरा लगा ? क्या दोष था उन लोगों का जो अयोध्या से अपने आराध्य भगवान् श्री राम के मंदिर निर्माण के लिए प्रण लेने गए थे ? क्यों जलाया गया उन्हें ? किसने जलाया उन्हें और क्यों ? और जब राम भक्तों को जलाने वाले खुद शिकार हुए तो हाय तौबा मचने लगी , गोधरा गोधरा चिल्लाने लगे सब ! राजीव गाँधी को याद करिए जब इंदिरा गाँधी की मौत हुई थी तब कितने निर्दोष सिख मारे गए , कितने लुटे गए क्यों नहीं हल्ला हुआ , तब राजीव ने कहा था की जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो उसका असर होता ही है ! तब कहाँ थे ये सांप्रदायिक होने का बिगुल बजाने वाले ? मुझे लगता है महा ठगों और महा ठगिनी से देश को बचाए रखने के लिए नरेन्द्र मोदी आज की जरूरत हैं !

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

बहुत खूब......आपके जज्बे और सच्चाई को सलाम करता हूँ.....और जो लोग इसे हटाने की बात कर रहे हैं, उनके लिए दुष्यंत जी की एक रचना भेंट करना चाहता हूँ.............. तुम्हारे पाँवों के नीचे कोई ज़मीं नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यकीं नहीं. मैं बेपनाह अँधेरा को सुबह कैसे कहूँ, मैं इन नज़ारों का अँधा तमाशबीन नहीं. तेरी जुबान है झूठी जम्हूरियत की तरह, तू एक जलील-सी गाली से बेहतरीन नहीं. तुम्हीं से प्यार जताएं तुम्हीं को खा जायें, अदीब यों तो सियासी हैं पर कमीन नहीं. तुझे कसम है खुदी को बहुत हलाक न कर, तू इस मशीन का पुर्जा है, मशीन नहीं. बहुत मशहूर है आयें ज़रूर आप यहाँ, ये मुल्क देखने के लायक है, हसीं नहीं. जरा से तौर तरीकों में हेर-फेर करो, तुन्हारे हाथ में कालर हो, आस्तीन नहीं……

के द्वारा: अनिल कुमार ‘अलीन’ अनिल कुमार ‘अलीन’

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